मन वच और काया से क्षमा याचना कर लेना | man vach aur kaya se kshama yachna kar lena

मन वच और काया से,क्षमा याचना कर लेना,बेर भाव जो मन में हो,उसे दिल मिटा देना।। तर्ज – होंठों से छू लो तुम। संवत्सरी का शुभदिन,नई रोशनी लाया है,वेर भाव की गांठो को,सुलझाने आया है,ये समय बड़ा अनमोल,ना व्यर्थ गंवा देना,बेर भाव जो मन में हो,उसे दिल मिटा देना।। वाणी में संयम हो,शब्दों में होवे … Read more

सब कुछ भैरव देव तुम्ही से है | sab kuch bheru dev tumhi se hai

मेरा तन मेरा मन,ये मेरा जीवन,सब कुछ भैरव देव तुम्ही से है,बरसी है महर,डाली तूने जो नजर,सबकुछ भैरव देव तुम्ही से है।। तर्ज – ये चमक ये दमक। मुझे गले लगाकर प्यार किया,तूने जीवन संवार दिया,एहसान ये तूने हरबार किया,ये लागी लगन अब तुम्ही से है,सबकुछ भैरव देव तुम्ही से है।। मुझे खुशियों भरा संसार … Read more

पर्व पर्युषण आया है घर घर में खुशियां लाया है | parv paryushan aaya hai lyrics

पर्व पर्युषण आया है,घर घर में खुशियां लाया है,पर्वो का राजा कहलाये,हम जैनो ने ये पाया है।। तर्ज – तारो का चमकता। ये शास्वत महापर्व है,आगम में जिसका बखान है,धर्म ध्यान और क्षमादान,ये पर्व बड़ा महान है,जिन मंदिर और उपाश्रय में,प्रभु भक्ति का रंग छाया है,पर्व पर्यूषण आया है,घर घर में खुशियां लाया है।। देखो … Read more

पर्व पर्युषण द्वार पे आये अंतर मन से वधाओं रे | parv paryushan dwar pe aaye

पर्व पर्युषण द्वार पे आये,अंतर मन से वधाओं रे,श्रद्धा भक्ति प्रेम सहित,ये पर्व पर्युषण मनाओ रे,पर्व की महिमा गाओ रे।। तर्ज – थाली भरके लाई खिचड़ो। आठ दिनों का पर्व सुहाना,पर्युषण कहलाता है,जिओ ओर जीने दो का,सिद्धांत हमे सिखलाता है,प्रभु वीर की राह पे चलकर,जीवन धन्य बनाओ रे,श्रद्धा भक्ति प्रेम सहित,ये पर्व पर्युषण मनाओ रे,पर्व … Read more

संवत्सरी का शुभ दिन है ये आओ करले क्षमापना | samvatsari ka shubh din hai ye

संवत्सरी का शुभ दिन है ये,आओ करले क्षमापना,मैत्री भाव की भावना रखकर,करो खमत खामणा,दिल में हो यही भावना,हम करते है ये कामना,संवत्सरी का शुभ दिन है यह,आओ करले क्षमापना।। तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन। शुद्ध मन से ये पर्व मनाकर,निर्मल करलो आत्मा,राग द्वेष को त्यागे हम,जीवन मे होगी खुशियां,मन वचन और काया से,करो खमत … Read more

पर्वो में पर्युषण हम जैनो की शान | parvo me paryushan hum jaino ki shan

पर्वो में पर्युषण,हम जैनो की शान,धर्म ध्यान और क्षमादान का,पर्व ये बड़ा महान,श्वेताम्बर दिगम्बर हो,करते सभी गुणगान,धर्म ध्यान और क्षमादान का,पर्व ये बड़ा महान।। तर्ज – तुझको ना देखूं तो। जप तप व्रत के,दिन ये सुहाने,गुरूवर पधारे,जिन वाणी सुनाने,स्वर्णिम ये अवसर,बीत न जाये,आओ धर्म की,ज्योत जगाये,महावीर की वाणी का,आओ करे रसपान,धर्म ध्यान और क्षमादान का,पर्व … Read more

यारा करलो अब तैयारी हमें नाकोड़ा जाणा है | yara karlo ab taiyari hame nakoda jana hai

यारा करलो अब तैयारी,हमें नाकोड़ा जाणा है,नाकोड़ा के पार्श्व भैरव से,प्रेम बढ़ाना है,हो यारा करलो अब।। तर्ज – दर्जी सीम दे निशान। हर चौदस को नाकोड़ा में,हाजरी भरवाऊं,पूनम के दिन पूजन करने,लाइन में लग जाऊँ,सेवा पुजा करके ही,कर्मो को खपाणा है,हो यारा कर लो अब।। तू भी चलकर नाकोड़ा जी,देखले मेरे यार,बण जावेगों तू भी … Read more

तुझसे मिलने दादा मैं नाकोड़ा आ रहा हूँ | tujhse milne dada main nakoda aa raha hun

हौले हौले दुनिया से मैं,दूर जा रहा हूँ,तुझसे मिलने दादा मैं,नाकोड़ा आ रहा हूँ।। स्वर्ग से सुन्दर,दादा दर तेरा है,आकर मुझे चैन,मिलता यहां है,देखु तुझे तो,देखता ही जाऊं,चांद से भी प्यारा दादा,चेहरा तेरा है,जो भी मैने चाहा था,सब कुछ मैं पा रहा हूँ,तुझ से मिलने दादा मै,नाकोड़ा आ रहा हूँ।। नाकोड़ा का दर तो सारे,जग … Read more

रखना भैरव देव हमारा हाथ सदा तेरे हाथ में | rakhna bhairav dev hamara hath sada tere hath me

भैरव देवा भक्ति की हमको,लगन ये ऐसी लागी,जगमग जगमग ज्योत ये मेरे,मन मन्दिर में जागी,तेरी कृपा का अमृत पीकर,हम तो हुए अनुरागी,इस दुनिया में हमारे जैसा,होगा न बढ़भागी,एक यही अरदास हमारी,भाई बहन की जोड़ी प्यारी,रहे सदा ही एक साथ में,रखना भैरव देव हमारा,हाथ सदा तेरे हाथ में,भाई बहन दोनों ही आये,नाकोडा एक साथ में,रखना भैरव … Read more

भैरव करो मेहर की नजरिया | bhairav karo mehar ki najariya

नाकोड़ा भैरव मेरे,खाली न जाऊँगी दादा तेरे दर से,लेकर उम्मीदे आई हूँ में घर से,छोडूँगी ना तोरी दुवरिया,भैरव करो मेहर की नजरिया,दादा करो महर की नजरिया,भैरव मेरी ले लो ना खबरिया,दादा करो महर की नजरिया।। तर्ज – फेरो ना नज़र से नजरियां। बांटी खुशिया थी बदले में,मिला मुझको गम गम,अपने हुए सब पराये आंखे,हुई मेरी … Read more