मन वच और काया से क्षमा याचना कर लेना | man vach aur kaya se kshama yachna kar lena
मन वच और काया से,क्षमा याचना कर लेना,बेर भाव जो मन में हो,उसे दिल मिटा देना।। तर्ज – होंठों से छू लो तुम। संवत्सरी का शुभदिन,नई रोशनी लाया है,वेर भाव की गांठो को,सुलझाने आया है,ये समय बड़ा अनमोल,ना व्यर्थ गंवा देना,बेर भाव जो मन में हो,उसे दिल मिटा देना।। वाणी में संयम हो,शब्दों में होवे … Read more