कन्हैया ने मुझे अपनाया है भजन लिरिक्स | kanhaiya ne mujhe apnaya hai lyrics
मैं हार के दर पे आया,कान्हा ने हाथ बढ़ाया,पलभर में श्याम धनि ने,हारे को गले लगाया,कन्हैया ने मुझे अपनाया है,सेवा में लगाया है।bd। तर्ज – ये बंधन तो। जैसा सुना था मैंने,देखा वो ही नज़ारा,बिच सिंहासन बाबा,चारो तरफ जयकारा,चौखट पर भीड़ खड़ी थी,आँखों में आस बड़ी थी,मैं भी कर जोड़ खड़ा था,थोड़ा सा जिद पे … Read more