रख श्याम शरण तेरी,
सुन ले फरियाद मेरी,
किसके द्वार जाऊं बता,
सबने अँखिया फेरी,
रख श्याम शरण तेरीं।।
तर्ज – रोती हुई आँखों को।
कोई साथ नही देता,
दुःखिया का दुनियाँ में,
निरबल मजबूर समझ,
ठुकराया है सबने,
इक आस तेरी बाबा,
तकलीफ मिटा मेरी,
किसके द्वार जाऊं बता,
सबने अँखिया फेरी,
रख श्याम शरण तेरीं।।
मैं हारता आया हूँ,
अब तक इस जीवन में,
तू जीत दिलाता है,
विश्वास हो जिस मन में,
दुःख कब तक सहुँ बाबा,
कर एक नजर तेरी,
किसके द्वार जाऊं बता,
सबने अँखिया फेरी,
रख श्याम शरण तेरीं।।
अब आ जाओ गोपाल,
बन पालनहार मेरे,
जितने भी मिलेंगे जनम,
गुजरेंगे दर पे तेरे,
‘राजू’ रहे जब तक श्याम,
नही भुले कृपा तेरी,
किसके द्वार जाऊं बता,
सबने अँखिया फेरी,
रख श्याम शरण तेरीं।।
रख श्याम शरण तेरी,
सुन ले फरियाद मेरी,
किसके द्वार जाऊं बता,
सबने अँखिया फेरी,
रख श्याम शरण तेरीं।।
– गायक / लेखक / प्रेषक –
राजेन्द्र अग्रवाल।
देई बून्दी, 9784483568}]