दीनबन्धु दीनानाथ मेरी सुध लीजिये | deenbandhu deenanath meri sudh lijiye
दीनबन्धु दीनानाथ,मेरी सुध लीजिये,आया है तूफान नैया,पार कर दीजिए।। तर्ज – दीनानाथ मेरी बात। दास हूँ पुराणों तेरो,श्याम सरकार मैं,तेरे ही भरोसे छोड़ी,नाव मझधार में,ध्वजाबन्ध धारी घणी,देर मत कीजिये,आया है तूफान नैया,पार कर दीजिए।। बाँकी सी लटक में,अटक गया प्राण है,तू ही मोटो सेठ मेरो,तू ही जजमान है,प्रीत की पुकार या ही,प्रेम रस दीजिये,आया है … Read more