नाथ थारे शरणे आयो जी भजन लिरिक्स | nath thare sharne aayo ji bhajan lyrics
नाथ थारे शरणे आयो जी, जचै जिस तरां खेल खिलावो, थे मनचायो जी।। बोझो सबी उतरयो मन को, दुख बिनसायो जी, चिन्त्या मिटी बडै चरणां रो, स्हारो पायो जी, नाथ थांरे शरणै आयो जी।। सोच फिकर अब सारो थांरै, ऊपर आयो जी, मैं तो अब निश्चिन्त हुयो, अन्तर हरखायो जी, नाथ थांरे शरणै आयो जी।। … Read more