मैं रोज सुबह और शाम,
लेता हूँ तुम्हारा नाम,
श्याम तुम मेरे हो,
ये सबसे जरूरी काम,
लेता हूँ तुम्हारा नाम,
श्याम तुम मेरे हों,
श्याम तुम मेरे हों।।
तर्ज – चिट्ठी ना कोई संदेश।
बचपन से तुझे जाना,
अपना तुमको माना,
हर वक्त मिला मुझको,
तेरे प्यार का नजराना,
ये दिल की हकीकत है,
मुझे तुमसे ही उल्फत है,
श्याम तुम मेरे हों,
श्याम तुम मेरे हों।।
मैं गद गद रहता हूँ,
भावों में बहता हूँ,
दूजा ना कोई तुमसा,
दुनिया से कहता हूँ,
जीवन की दिशा बदली,
आनंद मिला असली,
श्याम तुम मेरे हों,
श्याम तुम मेरे हों।।
प्रभु ये सच्चाई है,
किरपा दिखलाई है,
तेरा प्यार बहुत पाया,
ये मेरी कमाई है,
तूने खूब दिया मुझको,
धन्यवाद प्रभु तुझको,
श्याम तुम मेरे हों,
श्याम तुम मेरे हों।।
‘बिन्नू’ का ये कहना,
यूँ ही देते रहना,
जो मिलता है तुमसे,
अनमोल है वो गहना,
जो तुझसे पाता हूँ,
भक्तों में लुटाता हूँ,
श्याम तुम मेरे हों,
श्याम तुम मेरे हों।।
मैं रोज सुबह और शाम,
लेता हूँ तुम्हारा नाम,
श्याम तुम मेरे हो,
ये सबसे जरूरी काम,
लेता हूँ तुम्हारा नाम,
श्याम तुम मेरे हों,
श्याम तुम मेरे हों।।
Singer – Satyajit Jain
Lyrics – Binnu Ji}]