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श्रद्धा से बुलाकर देखो,
दौड़ा आएगा,
ये तीन बाण का धारी,
रुक नहीं पाएगा।।
तर्ज – सपने में रात में आया।
है भाव का भूखा बाबा,
ना मांगे भोग चढ़ावा,
दुशाशन को ठुकराया,
घर साग विदुर के खाया,
मन के सच्चे भावों को,
ना ठुकराएगा,
ये तीन बाण का धारी,
दौड़ा आएगा।।
जब नरसी जी ने पुकारा,
उन्हें जाकर दिया सहारा,
घनश्याम भतेया बनके,
नरसी के पहुंचे घर पे,
आँखों में किसी के आंसू,
देख ना पाएगा,
श्रद्धा से बुलाकर देखों,
दौड़ा आएगा।।
मीरा ने पिया विष प्याला,
उसको अमृत कर डाला,
जब गज ने इन्हें पुकारा,
मृत्यु से उसे उबारा,
कहे ‘राज अनाड़ी’ सबकी,
बिगड़ी बनाएगा,
श्रद्धा से बुलाकर देखों,
दौड़ा आएगा।।
श्रद्धा से बुलाकर देखो,
दौड़ा आएगा,
ये तीन बाण का धारी,
रुक नहीं पाएगा।।
Singer – Diksha Sharma}]