सारे जग को सेठ सांवरो बैठो तनखा बांटे रे | sare jag ko seth sawro baitho tankha baante re

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सारे जग को सेठ सांवरो,
यो बैठो तनखा बांटे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।bd।

तर्ज – ना देनो तो ना कर दे।

एक नजर में इसको जादू,
सर चढ़ करके बोले रे,
बैठो ऐसो यो जादूगर,
बंद किस्मत को खोले रे,
एक यही दातार है जो,
एक यही दातार है जो,
लाड लडावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।bd।

सांवरिया के दर पे आके,
बिन मांगे मिल जाता है,
दुनिया में मेरे श्याम के जैसा,
और नहीं कोई दाता है,
बाह पकड़ ले गिरने ना दे,
बाह पकड़ ले गिरने ना दे,
मुझे गले लगावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।bd।

सांवरिया खाटू में बैठो,
सबको यही बुलावे रे,
हर ग्यारस को सुने मुकदमा,
अपनो हुकम सुनावे रे,
‘धीरज’ को रिहा कर दे तू,
भक्तों को रिहा कर दे तू,
नाच नचावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।bd।

सारे जग को सेठ सांवरो,
यो बैठो तनखा बांटे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।bd।

Singer – Ritu Panchal
Lyrics – Dheeraj Saxena}]

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