सजधज कर के झूले में मेरे सरकार बैठे है | saj dhaj kar ke jhule me mere sarkar baithe hai

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सजधज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है,
मजा सावन का लेने को,
वो लखदातार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।bd।

देखे – झूलन में आज सजधजकर।

कहीं कोयल की कुकू है,
कहीं छमछम है बारिश की,
लगाकर इत्र और चन्दन,
लगाकर इत्र और चन्दन,
करके श्रृंगार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।bd।

झुलाते बारी बारी से,
भगत झूले में बाबा को,
कोई मुस्कान तो देखो,
कोई मुस्कान तो देखो,
हम भी दिल हार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।bd।

‘राज’ हरियाली चारों ओर,
झूम के सावन आया है,
लुटाने प्रेम का अमृत,
लुटाने प्रेम का अमृत,
आज दिलदार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।bd।

सजधज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है,
मजा सावन का लेने को,
वो लखदातार बैठे है,
सज धज कर के झूले में,
मेरे सरकार बैठे है।bd।

Singer / Lyrics – Raj Pareek}]

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