आया हूँ मैया दर पे तुम्हारे तुमसे मिलने को | aaya hun maiya dar pe tumhare tumse milne ko
आया हूँ मैया दर पे तुम्हारे,सब कुछ मैं अपना छोड़के,तुमसे मिलने को।। दुनिया की फिकर है ना,किसी का है डर मुझे,बस एक तमन्ना है की,मैं देख लूं तुझे,आया हूं मईया दर पे तुम्हारे,सब कुछ मैं अपना छोड़के,तुमसे मिलने को।। आते है लोग आपके,दीदार के लिए,नज़रे करम तो करदो,बीमार के लिए,आया हूं मईया दर पे तुम्हारे,सब … Read more