कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया भजन लिरिक्स | kabhi makhan chura liya bhajan lyrics
कभी माखन चुरा लिया, कभी पर्वत उठा लिया, ओ लल्ला रे, ये क्या गजब किया, मेरे कान्हा, मुझको डरा दिया॥॥ तर्ज-कभी बंधन जुड़ा लिया कभी मुझको शक होता, तु मेरा लाल नही है, है कोई अवतारी तु, ये मेरी बात सही है, इन्द्र से रक्षा के खतिर, तुमने पर्वत उठा लिया, मेरे कान्हा ये बताना,2 … Read more