साँवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है भजन लिरिक्स | sanvare se milne ka satsang hi bahana lyrics
साँवरे से मिलने का,सत्संग ही बहाना है,चलो सत्संग में चलें,हमें हरी गुण गाना है,सांवरे से मिलने का,सत्संग ही बहाना है।। तर्ज – बाबुल का ये घर। मथुरा में ढूंढा तुझे,गोकुल में पाया है,वृन्दावन की गलियों में,मेरे श्याम का ठिकाना है,सांवरे से मिलने का,सत्संग ही बहाना है।। बागो में ढूँढा तुझे,फूलों मे पाया है,मोगरे की कलियों … Read more