लाल ही लाल देखो माँ का श्रृंगार है | lal hi lal dekho maa ka shringar hai
लाल है चुनरी लाल है चोला,लाल गले में हार है,लाल ही लाल देखो,माँ का श्रृंगार है।। लाल चुनरिया सुंदर मां ने,अपने शीश पे ओढ़ी है,इस चुनरी की छाया में,तर जाता निर्धन कोढ़ी है,सब भक्तों के लिए खुला है,सब भक्तों के लिए खुला,मैया जी का दरबार है,लाल ही लाल देखों,माँ का श्रृंगार है।। लाल पुष्प की … Read more