कहाँ जा छुपे हो प्यारे कन्हैया यहाँ लाज मेरी लूटी जा रही है | kahan ja chupe ho pyare kanhaiya lyrics
कहाँ जा छुपे हो, प्यारे कन्हैया,यहाँ लाज मेरी,लूटी जा रही है।। तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर।( भजन द्रोपदी चिर हरण के सन्दर्भ में ) कहाँ जा छुपे हो, प्यारे कन्हैया,यहाँ लाज मेरी,लूटी जा रही है,जुए में पति मेरे,हारे है बाजी,सभा बिच साड़ी,खींची जा रही है,कहाँ जा छुपे हो, प्यारे कन्हैया,यहाँ लाज मेरी,लूटी जा रही है।। … Read more