कब आओगे लाज मेरी लूट जाएगी क्या तब आओगे भजन लिरिक्स | kab aaoge shyam lakhbir singh lakkha lyrics
कब आओगे लाज मेरी, लूट जाएगी क्या तब आओगे। तर्ज – देर ना हो जाए कहीं। श्लोक – सभा में द्रोपती रो रो के, पुकारे आओ, कहाँ छुपे हो प्रभु, नन्द दुलारे आओ, लाज अबला की, लूटी जा रही है मन मोहन, भक्तवत्सल प्रभु, निर्बल के सहारे आओ। कब आओगे, कब आओगे कब आओगे, लाज … Read more