सांवरे के रहते क्यूँ तू घबराता है भजन लिरिक्स | sanware ke rehte kyun tu ghabrata hai lyrics
सांवरे के रहते क्यूँ,तू घबराता है,भावों के आंसू क्यूँ,ना चरणों में बहाता है,सांवरे के रहते क्यूँ।। तर्ज – आदमी मुसाफिर है। आंसू की भाषा ये जानता है,अपने पराए को पहचानता है,आंसू की धारा में बह जाता है,साँवरे के रहते क्यूँ,तू घबराता है,भावों के आंसू क्यूँ,ना चरणों में बहाता है,सांवरे के रहते क्यूँ।। नरसी सुदामा ने … Read more