बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे भजन लिरिक्स | bans ki basuriya pe ghano itrave lyrics in hindi
बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे, कोई सोना की जो होती, हीरा मोत्या की जो होती, जाणे काई करतो, काई करतो, बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे।। जैल में जनम लेके घणो इतरावे, कोई महला में जो होतो, कोई अंगना में जो होतो, जाणे काई करतो, काई करतो, बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे।। देवकी … Read more