आया शरण ठोकरे जग की खा के भजन लिरिक्स | aaya sharan thokre jag ki khake lyrics
आया शरण ठोकरे जग की खा के,हटूंगा तभी तेरी, हटूंगा तभी तेरी दया द्रष्टि पाके,आया शरण ठोकरे जग की खा के।। तर्ज – नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी। तूने बुलाया तो मैं नहीं आया,मेरे मन ने चाहा तो चरणों में आया,बड़ा दुःख पाया हूँ मैं,बड़ा दुःख पाया हूँ मैं तुझको भुला के,आया शरण ठोकरे जग … Read more