हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में भजन लिरिक्स | haazri likhwata hun har gyaras me lyrics
हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,मिलती है तन्खा, मिलती है तन्खा,मुझे बारस में,हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में।। दो दिन के बदले में तीस दिनों तक मौज करूँ,अपने ठाकुर की सेवा भजनो से रोज करूँ,रहता है तू सदा, रहता है तू सदा,भक्तो के वश में,हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में।। दो आंसू जब बह जाते … Read more