साथी हारे का तू मुझको भी जिताने आजा भजन लिरिक्स | sathi haare ka tu mujhko bhi jitane aaja lyrics
साथी हारे का तू मुझको भी,जिताने आजा,तू मेरी लाज को लूटने से,बचाने आजा,तू मेरी लाज को लूटने से,बचाने आजा।। तर्ज – प्यार झूठा सही। रिश्तों के खेल में,रिश्तों से ही हारे है,अपनों के बिच में,रहकर भी बेसहारे है,कैसे जियूँगा यूँ घुट घुट के,तमाशा बन के,कैसे पियूँगा मैं अश्को को,कन्हैया हस के,मैं हूँ तेरा ये ज़माने … Read more