गुरु कृपा बरस गयी रे तक़दीर बदल गयी रे लिरिक्स | guru kripa baras gayi re jain bhajan lyrics

गुरु कृपा बरस गयी रे,तक़दीर बदल गयी रे,मेरे गुरु की ऐसी नज़र पड़ी,तस्वीर बदल गयी रे।। मेरे गुरुवर ज्ञानी ध्यानी है,सारा आगम पहचाने,इन्हें काँच-कनक में समता है,ये राग-द्वेष न जाने,बढ़ रहे अनवरत मोक्ष-मार्ग पर,मुक्ति-वधु को पाने,वो लोग अभागे घर बैठे,जो ऐसे गुरु न मानें,गुरु-चरण छुए जब हाथों ने,तो लकीर बदल गयी रे,गुरु कृपा बरस गई … Read more

पट्ट खोल तू दर्श करा दे रे नाकोड़ा भैरव भजन लिरिक्स | pat khol tu darash kara de re lyrics

पार्श्व प्रभु रो मुखड़ो दिखा दे,भैरूजी रो मुखड़ो दिखादे,पार्श्व प्रभु रो मुखड़ो दिखा दे,भैरूजी रो मुखड़ो दिखादे,पुजारी नाकोड़ा वाले रे,पट्ट खोल तू दर्श करा दे रे,पुजारी नाकोड़ा वाले रे,पट्ट खोल तू दरश करा दे रे।। ऊँचा पर्वत ठंडी हवाओ,नाकोड़ा जी ध्वज लहरावे रे,पट्ट खोल तू दरश करा दे रे,पुजारी नाकोड़ा वाले रे,पट्ट खोल तू दरश … Read more

भैरूजी रा मन्दिर माही मोटा घुँघरा बाजे लिरिक्स | bheruji ra mandir mahi mota ghunghra baaje lyrics

भैरूजी रा मन्दिर माही,मोटा घुँघरा बाजे। दोहा – पगे घुँघरा बांध्या भैरूजी,पारस रे दरबार,मेहर करी भगता रे,ऊपर तू हैं मोटो दातार। भैरूजी रा मन्दिर माही,मोटा घुँघरा बाजे,मोटा घुँघरा बाजे,पार्श्व री भक्ति में,भैरूजी नाचे छम छम हा।। प्रेम ने वाह्ल रो दरियो थे वणजो,दरियो थे वणजो,वैर ने जेर भुलावजो जी,भैरूजी रा मंदिर माही,मोटा घुँघरा बाजे।। भीड़ … Read more

गुरु ज्ञान की ज्योत जगाय गयो भजन लिरिक्स | guru gyan ki jyot jagay gayo lyrics

गुरु ज्ञान की ज्योत जगाय गयो, दोहा – माँ केशर के लाल को,कोटि कोटि प्रणाम,भक्तो रा दुखड़ा दूर करे,श्री राजेन्द्र सूरी है नाम। गुरु ज्ञान की ज्योत जगाय गयो,भक्ति रो मार्ग बताया गयो,श्री राजेन्द्र सूरी उपकारी,जाने ध्यावे नर और नारी, है माँ केशर रा लाल,भरतपुर जन्म लियो,है पारख कुल ओसवाल,जग में नाम कियो,गुरु ज्ञान की … Read more

नाकोड़ा में भक्तो की टोली चली भजन लिरिक्स | nakoda me bhakto ki toli chali lyrics

भक्ति की देखो एक ज्योत जली,नाकोड़ा में भक्तो की टोली चली,नाकोडा में भक्तो की टोली चली।। तर्ज – कोई परदेशी मेरा। गाँव गाँव और शहर शहर से,भक्त आज निकले अपने घर से,गली मोहल्लो से झूमती चली,नाकोंडा में भक्तो की टोली चली।। भक्तो की टोली चलती ही जाती,करते हुए दादा भैरव की भक्ति,भक्ति की शक्ति जो … Read more

उपकार तेरा होगा गुरुवर मेरे मन के भावों को कहने दो | upkar tera hoga guruvar lyrics

उपकार तेरा होगा गुरुवर,मेरे मन के भावों को कहने दो,ये राग रंग मुझे भाए ना,मुझे अपने ही चरणों में रहने दो,ऊपकार तेरा होगा गुरुवर,मेरे मन के भावों को कहने दो।। अंतहीन इस भव-सागर से,जिनवाणी ही पार लगाए,आप दीप बन खुद भी जलते,और हमको भी राह दिखाएं;आगम-नौका में हे गुरुवर,मुझे संग में अपने बहने दो,ऊपकार तेरा … Read more

चाहे मन में कैसी उलझन हो बोलो ॐ अर्हम लिरिक्स | chahe man me kaisi uljhan ho bolo om arham lyrics

चाहे मन में कैसी उलझन हो,बोलो ॐ अर्हम बोलो ॐ अर्हम,जीवन में कैसी अड़चन हो,बोलो ॐ अर्हम बोलो ॐ अर्हम।। अर्हम अविनाशी है,अविचल अविकारी है,महिमा अचिन्त्य इसकी,अहम सुखकारी है,शुभ चिंतन अर्हम का,तेरे मन का अहम नाशे,सिद्धों से मेल करे,अहम उपकारी है,निर्मल अहम से जीवन हो,बोलो ॐ अर्हम बोलो ॐ अर्हम।। सोते उठते जगते,अर्हम का ध्यान … Read more

मेरे मन में आकर बस जाओ महावीर प्रभु जी भजन लिरिक्स | mere man me aakar bas jao mahavir prabhu ji lyrics

मेरे मन में आकर बस जाओ,महावीर प्रभु जी,महावीर प्रभु जी,मुझे सत्य की राह दिखा जाओ,महावीर प्रभु जी,महावीर प्रभु जी।। माना मैं पापी हूँ,मैंने लाखों पाप किये,पर तु तो दयालु है,तूने सारे माफ किये,इस सारी दुनिया में,तेरे ही चर्चे है,उन्हें सुनकर आया हूँ,मन में संताप लिए,मेरी बगड़ी आज बना जाओ,महावीर प्रभु जी,महावीर प्रभु जी।। जग सारा … Read more

प्रभु तुमको वंदन मैं करता हूँ अर्पण ये जीवन मेरा लिरिक्स | prabhu tumko vandan main karta hun arpan lyrics

प्रभु तुमको वंदन,मैं करता हूँ अर्पण,ये जीवन मेरा,हे करुणा के सागर,अनादि का काटो,ये बन्धन मेरा,प्रभु तुमकों वंदन,मैं करता हूँ अर्पण।। तुम्ही ध्येय हो और,तुम्ही ध्यान मेरे,मैं जब तक भी जन्मु,हो भगवान मेरे,मेरा जब मरण हो,तेरी ही शरण हो,हर एक स्वांस में होवे,चिंतन तेरा,प्रभु तुमकों वंदन,मैं करता हूँ अर्पण,ये जीवन मेरा।। प्रभु अवगुणों का,हूँ मैं तो … Read more

मन मंदिर में बसा रखी है गुरु तस्वीर सलोनी जैन भजन | man mandir me basa rakhi hai guru tasveer saloni lyrics

मन मंदिर में बसा रखी है,गुरु तस्वीर सलोनी,रोम रोम में बसे है गुरुवर,विधा सागर मुनिवर।। गुरुवर विद्या सागरजी है,करुणा की गागरजी,चर्या आपकी आगम रूप,दिखते हो अरिहंत स्वरूप,दर्शन जो भी पाता है,गुरूवर का हो जाता है।। दिव्य आप का दर्शन है,भव्य आपका चिंतन है,प्रवचन देते आध्यात्मिक,और कभी सम सामायिक,हाथ मे पिछी कमंडल है,और पीछे भक्त मंडल … Read more