गुरु कृपा बरस गयी रे तक़दीर बदल गयी रे लिरिक्स | guru kripa baras gayi re jain bhajan lyrics
गुरु कृपा बरस गयी रे,तक़दीर बदल गयी रे,मेरे गुरु की ऐसी नज़र पड़ी,तस्वीर बदल गयी रे।। मेरे गुरुवर ज्ञानी ध्यानी है,सारा आगम पहचाने,इन्हें काँच-कनक में समता है,ये राग-द्वेष न जाने,बढ़ रहे अनवरत मोक्ष-मार्ग पर,मुक्ति-वधु को पाने,वो लोग अभागे घर बैठे,जो ऐसे गुरु न मानें,गुरु-चरण छुए जब हाथों ने,तो लकीर बदल गयी रे,गुरु कृपा बरस गई … Read more