बिन मांगे सब कुछ पाया मैं जबसे शरण में आया | bin mange sabkuch paya prabhu parshva bhajan
बिन मांगे सब कुछ पाया,मैं जबसे शरण में आया,मेरे साथ हमेशा रहते,प्रभु पार्श्व ये बनके साया,बिन माँगे सब कुछ पाया।। तर्ज – तुझे सूरज कहूँ या। मैं जिसको ढूंढ रहा था,वो शंखेस्वर में मिले है,इनकी कृपा से मेरी,बगिया में फूल खिले है,मेरे सिर पर हाथ रखकर,बस प्यार ही प्यार लुटाया,मेरे साथ हमेशा रहते,प्रभु पार्श्व ये … Read more