जग जननी दया करके मेरे घर भी आ जाना भजन लिरिक्स | jag janani daya kar ke mere ghar bhi aa jana lyrics
जग जननी दया करके,मेरे घर भी आ जाना,पावन घर आँगन को,हे मात बना जाना,जग जननी दया करकें,मेरे घर भी आ जाना।। तर्ज – होंठों से छु लो। युग युग से तरस रहे,नैना तेरे दर्शन को,बैठा हूँ बिछाए हुए,तेरी राह में पलकन को,इन व्याकुल नैनो की,माँ प्यास बुझा जाना,जग जननी दया करकें,मेरे घर भी आ जाना।। … Read more