मेरे मन के मंदिर में मूरत है श्याम की | mere man ke mandir me murat hai shyam ki

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मेरे मन के मंदिर में,
मूरत है श्याम की,
आंखों में बस गई,
सूरत है श्याम की,
जमाने की मुझको,
परवाह नहीं है,
दीवानी हूँ मैं,
खाटू वाले के नाम की।bd।

तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर।

दुनिया के दर्दों गम की,
मारी हुई हूँ,
हारे का सहारा तो मैं,
हारी हुई हूँ,
पुजारन हुई तन मन से,
उनके मैं नाम की,
आंखों में बस गई,
सूरत है श्याम की।bd।

स्वर्ग है उन्हीं के,
चरणों में मेरा,
वो दीपक है मेरे मन का,
मैं हूं अंधेरा,
उन्हीं से सवेरा वही,
शक्ति है शाम की,
आंखों में बस गई,
सूरत है श्याम की।bd।

श्याम के मैं पास हूं,
श्याम के करीब हूं,
बताओ तो फिर मैं,
कैसी गरीब हूं,
बदल देती किस्मत ‘मुन्ना’,
खाक उनके धाम की,
आंखों में बस गई,
सूरत है श्याम की।bd।

मेरे मन के मंदिर में,
मूरत है श्याम की,
आंखों में बस गई,
सूरत है श्याम की,
जमाने की मुझको,
परवाह नहीं है,
दीवानी हूँ मैं,
खाटू वाले के नाम की।bd।

Singer – Parveen Rashmi Kalra}]

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