कलयुग का है अवतारी बाबा मेरा श्याम बिहारी | kalyug ka hai avtari baba mera shyam bihari

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कलयुग का है अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी,
हाथों में मोरछड़ी है,
करता लीले की सवारी,
जो भी है शरण में आता,
दुखडे सब दूर भगाता,
हारे का साथ निभाता,
महिमा है भारी,
कलयूग का हैं अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी।।

तर्ज – जा रे जा ओ हरजाई।

खाटू में है धाम बनाया,
जो भी शरण में आता,
बाबा सबका काम बनाता,
जग से जो ठुकराए जाते,
काम वो जग के आते,
ऐसे चमत्कार दिखलाता,
सेठ जग में बड़े,
इसके दर पे खड़े,
सेठों का सेठ कहाता,
ये लखदातारी,
कलयूग का हैं अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी।।

जिनका ये बन जाए माझी,
नाव कभी ना डोले,
बाबा खुद ही पार लगाए,
हाथ थाम लेता है जिनका,
साथ कभी ना छोड़े,
जो भी दिल से इनको मनाये,
कृपा ऐसी करें,
वो कभी ना डरे,
हरपल ये बाबा मेरा,
करता रखवारी,
कलयूग का हैं अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी।।

‘बंसल’ तेरी शरण में आया,
इतनी कृपा बस करना,
बाबा दूर ना खुद से करना,
इस जीवन की आस यही है,
चरणों में तेरे रहना,
तेरे नाम से जीना मरना,
दर पे आता रहूं,
गुण मैं गाता रहूं,
सुन ले सांवरिया मेरी,
जाऊँ बलिहारी,
कलयूग का हैं अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी।।

कलयुग का है अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी,
हाथों में मोरछड़ी है,
करता लीले की सवारी,
जो भी है शरण में आता,
दुखडे सब दूर भगाता,
हारे का साथ निभाता,
महिमा है भारी,
कलयूग का हैं अवतारी,
बाबा मेरा श्याम बिहारी।।

गायक / प्रेषक – अश्वनी बंसल टोहाना।
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