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है जग में महिमा भारी,
लखदातारी की,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की।।
तर्ज – है सबसे शोभा न्यारी।
माता का वचन निभाए,
हारे का साथ दिए,
जरा भी ना घबराये,
शीश का दान दिए,
अद्भुत बलिदानी देख,
चकित बनवारी जी,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की।।
दर से जाए ना खाली,
जगत कल्याण करे,
घर घर पूजा होती,
कष्टों का नाश करे,
दिया श्याम नाम खुश होकर,
प्रभु मुरारी जी,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की।।
खाटू में आन विराजे,
दर है पावन प्यारा,
दर्शन पाने को आये,
यहाँ पर जग सारा,
पाया है ‘सोनू’ जिसने,
अर्ज़ गुज़ारी जी,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की।।
है जग में महिमा भारी,
लखदातारी की,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की,
गाऊं बार बार महिमा मैं मेरे,
शीश के दानी की।।
Singer – Bhaiya Sonu Sharma}]