बिन पिये नशा हो जाता है जब सुरत देखूं मोहन की लिरिक्स | bin piye nasha ho jata hai jab surat dekhu mohan ki lyrics
बिन पिये नशा हो जाता है,जब सुरत देखूं मोहन की,ना जाने क्या हो जाता है,जब सुरत देखूं मोहन की,बिन पिए नशा हो जाता है,जब सुरत देखूं मोहन की।। तर्ज – मोहन से दिल क्यों लगाया है। मनमोहन मदन मुरारी है,जन जन का पालनहारी है,ये दिल उस पर ही आता है,जब सुरत देखूं मोहन की,बिन पिए … Read more