लीला घनश्याम की न्यारी है भजन लिरिक्स | lila ghanshyam ki nyari hai bhajan lyrics
लीला घनश्याम की न्यारी है,राधाजी को छलने आए बन मणियारी है॥(तर्ज :- आज मेरे यार की शादी है) श्लोककभी माखन चुराते हैँ कभी चीर चुराते हैँ,कहीँ रास रचाते कहीँ पर्वत उठाते हैँ।एक दिन किया विचार राधाजी को छलने का,बनके मणियारी श्याम बरसाणे जाते हैं॥ भजनलीला घनश्याम की न्यारी है-4राधाजी को छलने आए बन मणियारी है॥लीला घनश्याम … … Read more