तेरे दरबार की चाकरी सबसे बढ़िया है सबसे खरी भजन लिरिक्स | tere darbar ki chakari sabse badhiya hai sabse khari lyrics
तेरे दरबार की चाकरी,सबसे बढ़िया है सबसे खरी,सबसे बढ़िया है सबसे खरी,तेरे दरबार की चाकरीं,सबसे बढ़िया है सबसे खरी।। तर्ज – ज़िन्दगी की ना टूटे लड़ी। जबसे पाई तेरी चाकरी,दुनिया बदली सांवरिया मेरी,तुझसा मालिक जहां में नहीं,जिसको इतनी फिकर हो मेरी,ऐसी दूजी नहीं,ऐसी दूजी नहीं नौकरी,ऐसी दूजी नहीं नौकरी,सबसे बढ़िया है सबसे खरी,तेरे दरबार की … Read more