मेरे जर जर हैं पाँव संभालो प्रभु भजन लिरिक्स | mere jar jar hai paon sambhalo prabhu lyrics
मेरे जर जर हैं पाँव, संभालो प्रभु,अपने चरणों की छाँव, बिठा लो प्रभु,मेरे जर जर हैं पाँव।। माया ममता की गलियों में, भटका हुआ,मैं हू तृष्णा के पिंजरे में, अटका हुआ,डाला विषियों ने घाव, निकालो प्रभु,मेरे जर जर है पाँव, संभालो प्रभु,मेरे जर जर हैं पाँव।। गहरी नदिया की लहरें, दीवानी हुई,टूटे चप्पू पतवार, पुरानी … Read more