जबसे निहारा रूप तुम्हारा लगता नहीं है प्यारा कोई लिरिक्स | jab se nihara roop tumhara bhajan lyrics
जबसे निहारा रूप तुम्हारा,लगता नहीं है प्यारा कोई,कैसे बताए तुझको कन्हैया,मिलने को आँखे कितनी है रोई।। तर्ज – चाँद सी महबूबा हो मेरी कब। सांवरिया तेरी सूरत पे,सूरज चंदा भी बलिहारी,अंखियों से बरसता अम्रत है,मुस्कान पे सब दुनिया हारी,मुस्कान पे सब दुनिया हारी,इस दुनिया में श्याम से सुन्दर,हो सकता है कोई नहीं,कैसे बताए तुझको कन्हैया,मिलने … Read more