खुशियां दे या गम दे मुझको ये तेरा अधिकार है | khushiyan de ya gam de mujhko
खुशियां दे या गम दे मुझको,ये तेरा अधिकार है,चाहे जैसे रखना मुझको,बाबा मुझे स्वीकार है,चाहे जैसे रखना मुझको,बाबा मुझे स्वीकार है।bd। तर्ज – क्या मिलिए ऐसे। सौंप दिए मैंने जीवन नैया,बाबा तुम्हारे हाथों में,दे देना नैया को किनारा,ना बहला ना तू बातों में,एक सहारा मुझको है तेरा,लाखों तेरे उपकार है,चाहे जैसे रखना मुझको,बाबा मुझे स्वीकार … Read more