कृपा का ये नजारा समझो तो है इशारा | kripa ka ye nazara samjho to hai ishara
कृपा का ये नजारा,समझो तो है इशारा,समझो तो है इशारा।। तर्ज – दो बून्द का खजाना। मौजूदगी है हर पल,तेरे आस पास उनकी,विश्वास की कमी है,तू आँखे खोल मन की,एहसास में मिलेगा,भक्तों का श्याम प्यारा,किरपा का ये नजारा,समझो तो है इशारा,समझो तो है इशारा।। माना की मुश्किलों कातूफान चल रहा है,वो रक्षा कर रहा है,दीपक … Read more