जाने कितनो की किस्मत वहां जाके संवरी है भजन लिरिक्स | jane kitno ki kismat vahan jake sanvari hai lyrics
जाने कितनो की किस्मत,वहां जाके संवरी है,तिहुँ लोक में कोई और नहीं,मेरे बाबा की खाटू नगरी है।। तर्ज – जिसे देख मेरा दिल धड़का। जबसे मैं खाटू जाने लगा,बदली है मेरी ये ज़िन्दगी,बाबा ने अपनी शरण में लिया,चरणों की मुझको मिली बंदगी,उलझन हो चाहे जैसी,यहाँ आके सुलझी है,तिहुँ लोक में कोई और नहीं,मेरे बाबा की … Read more