हम कब से पड़े है शरण तुम्हारी सुनलो साँवरिया भजन लिरिक्स | hum kabse pade hai sharan tumhari sunlo sanwariya lyrics
हम कब से पड़े है,शरण तुम्हारी,सुनलो साँवरिया,हम कोई गैर नही,नौकर तेरे दरबार के हम है,सुन लो साँवरिया,हम कोई गैर नही।। तर्ज – एक बार तो राधा बनकर। गुजरा हुआ हर पल,हमे याद आता है,तेरे सिवा हमको,ना कोई भाता है,मेरी लाज तुम्हारे हाथ है,सुनलो साँवरिया,हम कोई गैर नही।। अपनों से साँवरिया,परहेज है कैसा,देखा ना दुनिया में,दिलदार … Read more