सांवरे की चौखट पे मेरा इक खाता है भजन लिरिक्स | sanware ki chaukhat pe mera ek khata hai lyrics
सांवरे की चौखट पे,मेरा इक खाता है,जो भी चाहा श्याम से मुझको,वो मिल जाता है।। तर्ज – आदमी मुसाफिर है। चौखट तुम्हारी है कितनी प्यारी,तुमने बदल दी किस्मत हमारी,दर्शन से जीवन संवर जाता है,साँवरे की चौखट पे,मेरा इक खाता है।। जीवन की बीमा तुमसे कराई,साँसों की किश्तें पूरी भराई,परिवार सुख से चल पाता है,साँवरे की … Read more