नैनो की प्यास बुझा दे रे मेरे बांके बिहारी | naino ki pyas bujha de re mere banke bihari
नैनो की प्यास बुझा दे रे,मेरे बांके बिहारी। दोहा – ढूंढत ढूंढत युग गयो,हर सुबह गई हर शाम,ना जानू कित छिप गयो,मिल्यो ना मेरो श्याम। नैनो की प्यास बुझा दे रे,मेरे बांके बिहारी,बांके बिहारी मेरे बांके बिहारी,बांके बिहारी मेरे बांके बिहारी,नैनों की प्यास बुझादे रे,मेरे बांके बिहारी।bd। वृंदावन की गलियां सुहानी,वृंदावन की गलियां सुहानी,मुझको भी … Read more