वो खुशनसीब जिसपे मेरे श्याम की नजर | wo khush naseeb jispe mere shyam ki nazar
जिसकी कलाई थाम ली,फिर उसको कैसा डर,वो खुशनसीब जिसपे मेरे,श्याम की नजर।bd। दुनिया की दुनियादारी में,खुद को ना फसा,है सच्चा साथी सांवरा,इसे दिल में तू बसा,तेरी नाव पार कर देगा,अटकी कहीं गर,वो खुशनसीब जिस पे मेरे,श्याम की नजर।bd। खाटू की कशिश है अजब,जो खींचे अपनी ओर,हारे का सहारा है,दुनिया में मचा शोर,पलकों पे बिठाया उसे,जिसने … Read more