मन की गति पछाड़ चले बजरंगबली भजन लिरिक्स | man ki gati pachad chale bajrangbali lyrics
मन की गति पछाड़ चले, दोहा – याद आ गया जब भुलापन,तो गरजे पवन कुमार,सीता माँ का पता लगाने,चले है सागर पार। मन की गति पछाड़ चले,बादलों को फाड़ चले,सिंह सा दहाड़ चले,बजरंगबली,बजरंगबली बजरंगबली,बजरंगबली मेरे बजरंगबली।। मृत्यु भय से सहम गयी,काँपने लगी थर थर,सिंधु हुआ नतमस्तक,देखता है बस डर डर,पवन पिता सहयोगी,साथ चल पड़े सर … Read more