आया रे कुशल गुरु दरबार | aaya re kushal guru darbar
आया रे कुशल गुरु दरबार,छाई है दिल में खुशी अपार,बड़े भाव से आया चाव से,सँग लाया हाँ परिवार,म्हारा प्यारा गुरूसा।। तर्ज – बन्ना रे बागा में। लागे रे या मूरत प्यारी लागे,जागे रे भक्ति की ज्योत जागे,बड़ी प्यारी है मनोहारी है,म्हे लेवा नजर उतार,म्हारा प्यारा गुरूसा।। दादा रे प्रीत की डोर न टूटे,जग रूठे पर … Read more