सरस्वती माता की आरती | mata sarasvati ji ki aarti
जय सरस्वती माता ,जय जय हे सरस्वती माता |दुर्गुण वैभव शालिनी ,त्रिभुवन विख्याता॥ चंद्रवदनि पदमासिनी , घुति मंगलकारी | सोहें शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी ॥ बायेँ कर में वीणा ,दायें कर में माला | शीश मुकुट मणी सोहें ,गल मोतियन माला ॥ देवी शरण जो आयें ,उनका उद्धार किया | पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया … Read more