आरती अवध बिहारी की दयामयी जनकदुलारी की लिरिक्स | aarti avadh bihari ki lyrics
आरती अवध बिहारी की,दयामयी जनकदुलारी की।। सिंहासन सोहे युगल सरकार,परस्पर हँसी हेरत हर बार,मधुर कछु बोल लेत मन मोल,ललित छवि प्रीतम प्यारी की,दयामयी जनकदुलारी की,आरतीं अवध बिहारीं की,दयामयी जनकदुलारी की।। अलोकत पाय अंजनीलाल,निरखि पग पंकज होत निहाल,कहत रघुराई धन्य सेवकाई,पवनसुत गिरिवर धारी की,दयामयी जनकदुलारी की,आरतीं अवध बिहारीं की,दयामयी जनकदुलारी की।। भरतजू ठाड़े भाव विभोर,लखन रिपु … Read more