जानकी स्तुति हिंदी लिरिक्स | janki stuti lyrics in hindi
जानकी स्तुति,जानकी स्तुति लिरिक्स, भई प्रगट कुमारी भूमि विदारी,जनहितकारि भयहारी,अतुलित छबि भारी मुनि मनहारी,जनकदुलारी सुकुमारी।। सुन्दर सिंघासन तेहीं पर आसन,कोटि हुताशन धुतिकारी,सिर छत्र बिराजै सखि संग भ्राजे,निज निज कारज करधारी।। सुर सिद्ध सुजाना हनै निशाना,चढ़े बिमान समुदाई,बरषहिं बहुफूला मंगल मूला,अनुकूला सिय गन गाई।। देखहिं सब ठाढ़े लोचन गाढ़े,सुख बाढ़े उर अधिकाई,अस्तुति मुनि करहिं आनंद भरहीं,पायन्ह … Read more