शनिवार को कष्ट कटे मंगल हो मंगलवार भजन लिरिक्स | shaniwar ko kasht kate mangal ho mangalwar lyrics

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आ जाओ और किरपा पा लो,
हफ्ते में दो बार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
शनिवार को कष्ट कटे,
मंगल हो मंगलवार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार।।

झूठे रिश्ते झूठे नाते,
झूठी दुनियादारी,
सुख के साथी सब है,
दुःख में ना कोई भागीदारी,
ऐसे वक़्त में मिल जाता है,
जीवन को आधार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार।।

माया आनी जानी है,
तेरे साथ में कुछ ना जाए,
बजरंगी जो कृपा करें,
तेरी कश्ती पार लगाएं,
छोड़ दे सारी चिंता प्यारे,
चिंता है बेकार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार।।

नाम है प्यारा बजरंगी का,
जनम सुधारे तेरा,
सुबह शाम तू रट ले प्यारे,
जब जब दुःख ने घेरा,
‘मीतू’ ने जो सपने देखे,
हो गए वो साकार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार।।

आ जाओ और किरपा पा लो,
हफ्ते में दो बार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
शनिवार को कष्ट कटे,
मंगल हो मंगलवार,
मेरे बजरंगी के द्वार,
मेरे बजरंगी के द्वार।।

Singer & Writer – Amit Kalra Meetu

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