चाहत मेरी यही है वो दिन भी तुम दिखाओ | chahat meri yahi hai vo din bhi tum dikhao

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चाहत मेरी यही है,
वो दिन भी तुम दिखाओ,
मैं लिखूं भजन तुम्हारे,
उन्हें तुम भी गुनगुनाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।bd।

तर्ज – दुनिया ने दिल दुखाया।

ये भाव के है मोती,
जो तुम्ही से मिल रहे है,
जो नित नए भजन के,
ये फूल खिल रहे है,
जब तान कोई छेड़ूँ,
तुम सुर में सुर मिलाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।bd।

चरणों में तेरे बैठूँ,
तेरे ध्यान में रहूं मैं,
जब भी जुबां मैं खोलूं,
तेरी बात ही करूं मैं,
जब भी ये नैन छलके,
तुम आके पोंछ जाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।bd।

मांगू ना कुछ भी ऐसा,
लायक नहीं हूं जिसके,
प्रभु मैं तो ना समझ हूँ,
देना तुम ही समझ के,
चरणों में जब गिर मैं,
चरणों में जब
तुम ही मुझे उठाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।bd।

प्रभु मेरे भाव क्या है,
तुम ही समझ सकोगे,
दिल की ये बात मेरी,
आंखों में पढ़ सकोगे,
‘पंकज’ हुआ तुम्हारा,
रखो या भूल जाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।bd।

चाहत मेरी यही है,
वो दिन भी तुम दिखाओ,
मैं लिखूं भजन तुम्हारे,
उन्हें तुम भी गुनगुनाओ,
चाहत मेरी यहीं हैं,
वो दिन भी तुम दिखाओ।bd।

Singer & Lyrics – Gyaan Pankaj}]

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