जब से जन्मे कृष्ण कन्हाई मेरे तो भाग्य उजागर है | jabse janme krishna kanhai mere to bhagya ujagar hai

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जब से जन्मे कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है,
भाग्य उजागर है मेरे तो,
नटवर नागर है,
जबसे जन्में कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है।bd।

तर्ज – जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया।

नंद के घर में बजी बधाई,
झूम रहे सब ग्वाले,
कंस के काराग्रह के कान्हा,
तोड़ दिए सब ताले,
यशोदा मैया झूम के बोली,
मेरो तो मुरली मनोहर है,
जबसे जन्में कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है।bd।

तीन लोक के स्वामी जन्मे,
मंद मंद मुस्काए,
बन के औघड़ शिव शंकर जी,
दर्शन करने आए,
नजर उतारे यशोदा मैया,
कन्हैया कितनो सुंदर है,
जबसे जन्में कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है।bd।

कान्हा तेरी सूरत पर है,
ये दुनिया बलिहारी,
हम सब पर भी किरपा करना,
मेरे श्याम बिहारी,
‘वसुंधरा’ करती है विनती,
की दोनों हाथ जोड़कर है,
जबसे जन्में कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है।bd।

जब से जन्मे कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है,
भाग्य उजागर है मेरे तो,
नटवर नागर है,
जबसे जन्में कृष्ण कन्हाई,
मेरे तो भाग्य उजागर है।bd।

Singer – Vasundhara Goswami}]

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