मेरा क्या है कसूर तू बता सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।।
तर्ज – कर चले हम फ़िदा।
नरसी का तूने भात भरा सांवरे,
मेरी बारी क्यों नज़रे चुराने लगा,
द्रोपदी की बचाई तूने लाज थी,
फर्क अपने बेगाने का होने लगा,
दिख गया मुझको तुझमे फरक सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।
मेरा क्या है कसूर तु बता सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।।
महाभारत में कैसा करिश्मा किया,
बनके सारथि तू रथ को चलाता गया,
तेरा चक्कर ही सबको घुमाता रहा,
बाल बांका ना अर्जुन का होने दिया,
थाम ली तूने हर एक डगर सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।
मेरा क्या है कसूर तु बता सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।।
साथ देना तेरा बस यही काम था,
तूने अपने को आगे ना आने दिया,
सिर कटे जो कभी सिर झुकते नहीं,
योद्धा तूने कोई भी ना डटने दिया,
फिर क्यों डरपे तेरा ‘चहल’ सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।
Lyrics on astrobabaonline,
मेरा क्या है कसूर तु बता सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।।
मेरा क्या है कसूर तू बता सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे,
मुझे अपने से क्यों किया दूर सांवरे।।
Singer – Moksh Gulati}]