डंका बाज रहा कलयुग में घर घर बाबा श्याम का लिरिक्स | danka baaj raha kalyug me ghar ghar baba shyam ka lyrics

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डंका बाज रहा कलयुग में,
घर घर बाबा श्याम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का।।

तर्ज – क्या मिलिए ऐसे लोगो से।

खाटू की पावन गलियों में,
गूंज रहा जयकारा है,
शीश का दानी लखदातारी,
बाबा श्याम हमारा है,
दूर करे जो अंधियारे को,
श्याम नाम बड़े काम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का।।

जब भी करी फरियाद श्याम से,
लीले चढ़कर आया है,
भक्तों की नैया को मेरे,
श्याम ने पार लगाया है,
उसकी नैया कभी ना डूबे,
जिसे सहारा श्याम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का।।

आता जो भी श्याम शरण में,
होता भव से पार है,
हारे का ये साथी बाबा,
सब का खेवनहार है,
कहता प्रेमी श्याम बिना ये,
जीवन है किस काम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का।।

डंका बाज रहा कलयुग में,
घर घर बाबा श्याम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का,
आओ मिलकर सभी जलाये,
एक दीप मेरे श्याम का।।

प्रेषक – अंकुर अग्रवाल
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